बेमेतरा स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ भीम रेजिमेंट का प्रदर्शन, अनियमितताओं की जांच और FIR की मांग
बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में स्वास्थ्य विभाग पर वित्तीय अनियमितता, सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही के आरोप लगे हैं। इन मामलों को लेकर बुधवार को भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़ ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। संगठन ने चार सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम तहसीलदार राधाकृष्ण घृतलहरे को ज्ञापन सौंपा।
संगठन ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच कराने, एफआईआर दर्ज करने और दोषी पाए जाने वालों को निलंबित करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि 15 नवंबर तक मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो दोबारा बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
जय स्तंभ चौक से निकाली रैली, CMHO कार्यालय का घेराव
प्रदर्शन से पहले भीम रेजिमेंट के कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष हेमंत बंजारे के नेतृत्व में जय स्तंभ चौक के पास धरना दिया। इसमें संगठन के संस्थापक दिनेश चतुर्वेदी भी शामिल हुए। धरने के बाद कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली और CMHO कार्यालय पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग तथा जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
संगठन ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न मामलों की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग उठाई।
देवकर स्वास्थ्य केंद्र में अनुपस्थिति के बावजूद वेतन लेने का आरोप
भीम रेजिमेंट ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवकर में पदस्थ सेक्टर सुपरवाइजर विनोद जैन पर लंबे समय से ड्यूटी पर अनुपस्थित रहने के बावजूद वेतन लेने का आरोप लगाया है।
संगठन के संस्थापक दिनेश चतुर्वेदी ने दावा किया कि संबंधित कर्मचारी को करीब पांच साल से वेतन दिया जा रहा है। संगठन ने इस मामले में संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।
दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की खरीदी पर उठाए सवाल
संगठन के जिलाध्यक्ष हेमंत बंजारे ने जिले के स्वास्थ्य केंद्रों के लिए दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों और अन्य जरूरी सामग्री की खरीदी तथा आपूर्ति में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया।
भीम रेजिमेंट ने खरीदी से संबंधित दस्तावेजों, स्टॉक रजिस्टर और उपलब्ध सामग्री का भौतिक सत्यापन कर स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। संगठन का आरोप है कि स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए आवंटित सरकारी राशि का उचित उपयोग नहीं हो रहा है, जिससे आम लोगों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा।
मरका में प्रसव के दौरान लापरवाही का आरोप
प्रदर्शन के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मरका में प्रसव के समय कथित लापरवाही का मामला भी उठाया गया। संगठन का आरोप है कि संबंधित मामले में निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया।
भीम रेजिमेंट ने संबंधित डॉक्टरों की भूमिका की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा जिला अस्पताल में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को निजी अस्पतालों में रेफर किए जाने के आरोपों की भी जांच कराने की मांग की गई।
15 नवंबर तक कार्रवाई नहीं हुई तो फिर होगा आंदोलन
भीम रेजिमेंट के संस्थापक दिनेश चतुर्वेदी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में कथित अनियमितताओं और लापरवाही के कारण आम लोगों को सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
संगठन ने सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के निलंबन तथा कानूनी कार्रवाई की मांग की है। दिनेश चतुर्वेदी ने चेतावनी दी कि 15 नवंबर तक मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में संगठन दोबारा बड़े स्तर पर घेराव और आंदोलन करेगा।
तहसीलदार ने दिया जांच का आश्वासन, मरका मामले में कमेटी गठित
ज्ञापन लेने पहुंचे तहसीलदार राधाकृष्ण घृतलहरे ने बताया कि साजा क्षेत्र में एक कर्मचारी के लगातार अनुपस्थित रहने और इसके बावजूद वेतन मिलने की शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी।
तहसीलदार के अनुसार, मरका अस्पताल से संबंधित मामले में जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, भीम रेजिमेंट ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच और समयसीमा के भीतर कार्रवाई की मांग की है। अब जांच के निष्कर्षों और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर नजर रहेगी।
